देहरादून : अयोध्या में राम मंदिर चढ़ावे से जुड़े मामले को लेकर सियासत तेज हो गई है। भारतीय जनता पार्टी ने इस प्रकरण में हुई त्वरित कार्रवाई को सरकार की साफ नीयत और रामभक्तों की आस्था के प्रति प्रतिबद्धता का प्रमाण बताया है। देहरादून में मीडिया से बातचीत करते हुए भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद Mahendra Bhatt ने विपक्ष पर तीखा हमला बोला और उसके आरोपों को “घड़ियाली आंसू” करार दिया।

महेंद्र भट्ट ने कहा कि जिन राजनीतिक दलों और नेताओं ने वर्षों तक राम मंदिर निर्माण का विरोध किया, रामभक्तों पर गोलियां चलवाईं और जिनकी मंशा कभी भव्य राम मंदिर बनने की नहीं थी, वही आज मंदिर की पवित्रता और सुचिता की बातें कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि विपक्ष का इतिहास राम विरोध और सनातन विरोध से भरा हुआ है, इसलिए भाजपा को उनके आरोपों और राजनीतिक बयानबाजी की कोई चिंता नहीं है।

भट्ट ने कहा कि भाजपा और उसकी सरकारों के लिए प्रभु श्रीराम के मंदिर की प्रतिष्ठा, करोड़ों रामभक्तों की आस्था और सनातन परंपरा सर्वोपरि है। उन्होंने कहा कि इस पूरे प्रकरण में कार्रवाई की गति ही सरकार की नीयत का सबसे बड़ा प्रमाण है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा तय समय सीमा से पहले ही एसआईटी की रिपोर्ट सामने आ गई, 48 घंटे के भीतर एफआईआर दर्ज हुई और 24 घंटे के अंदर आरोपियों की गिरफ्तारी सुनिश्चित की गई। साथ ही संबंधित पदों से तत्काल प्रभाव से इस्तीफे भी हुए।

उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस और विपक्ष के लिए भगवान श्रीराम हमेशा से केवल राजनीतिक मुद्दा रहे हैं। जब उन्हें मंदिर निर्माण का विरोध करने में राजनीतिक लाभ दिखाई देता था, तब वे मंदिर के खिलाफ खड़े थे और आज जब इस मामले में राजनीति की संभावना दिख रही है, तो वे फिर सक्रिय हो गए हैं। उन्होंने कहा कि विपक्ष का मुख्य उद्देश्य हिंदू आस्था को चोट पहुंचाना और सनातनी समाज की एकजुटता को कमजोर करना है।







