देहरादून : कर्णप्रयाग में हुए विवाद की गूंज अब पूरे उत्तराखंड में सुनाई दे रही है। निहंग संगठनों के कूच के आह्वान को देखते हुए राज्य सरकार और पुलिस प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है। प्रदेश की सीमाओं पर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत कर दी गई है और हर गतिविधि पर पैनी नजर रखी जा रही है। देहरादून जिले के कुल्हाल बॉर्डर पर विशेष सतर्कता बरती जा रही है, जहां पुलिस और अर्द्धसैनिक बलों की तैनाती बढ़ा दी गई है।


बताया जा रहा है कि कर्णप्रयाग में हुए विवाद के बाद चार निहंग सिखों की गिरफ्तारी को लेकर विभिन्न संगठनों में नाराजगी है। इसी के विरोध में कर्णप्रयाग कूच का आह्वान किया गया था। पुलिस को आशंका है कि पंजाब और अन्य राज्यों से बड़ी संख्या में लोग उत्तराखंड की ओर आ सकते हैं। इसी संभावना को देखते हुए राज्य के प्रवेश मार्गों पर सघन चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है।

कुल्हाल बॉर्डर पर आने वाले वाहनों की बारीकी से जांच की जा रही है। पुलिस पहचान पत्रों की जांच के साथ-साथ संदिग्ध गतिविधियों पर भी नजर रख रही है। इसके अलावा खुफिया एजेंसियों को भी सक्रिय कर दिया गया है ताकि किसी भी संभावित स्थिति की जानकारी समय रहते मिल सके।

वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों का कहना है कि प्रदेश में शांति और सौहार्द बनाए रखने के लिए हर जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं। किसी भी व्यक्ति को कानून हाथ में लेने की अनुमति नहीं दी जाएगी। प्रशासन लगातार विभिन्न पक्षों के संपर्क में है और संवाद के माध्यम से स्थिति को सामान्य बनाए रखने का प्रयास किया जा रहा है।

इस पूरे घटनाक्रम के बीच प्रशासन की सबसे बड़ी चुनौती कानून व्यवस्था को बनाए रखना है। फिलहाल हालात शांतिपूर्ण हैं, लेकिन एहतियात के तौर पर सुरक्षा का घेरा और मजबूत किया गया है। प्रशासन ने जनता से सहयोग की अपील करते हुए कहा है कि किसी भी अफवाह पर ध्यान न दें और केवल आधिकारिक सूचनाओं पर ही भरोसा करें।







