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देवीधुरा में 8 मिनट तक गूंजे मां वाराही के जयकारे, फल-फूलों से खेली गई ऐतिहासिक बग्वाल

By Smita Chouhan

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चम्पावत। विश्व प्रसिद्ध मां वाराही धाम देवीधुरा में रक्षाबंधन के पावन अवसर पर ऐतिहासिक बग्वाल मेले का भव्य आयोजन हुआ। चार खाम और सात थोक के बीच खेली जाने वाली सदियों पुरानी बग्वाल को देखने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु देवीधुरा पहुंचे। दोपहर 1 बजकर 48 मिनट पर शुरू हुई बग्वाल करीब 8 मिनट तक चली और 1 बजकर 55 मिनट पर इसका समापन हुआ।

इस बार भी बग्वाल में फल और फूलों का प्रयोग किया गया। शंखनाद और मां वाराही के जयकारों के बीच चारों खामों के बग्वालियों ने पारंपरिक वेशभूषा में बग्वाल मैदान में प्रवेश किया। वालिक खाम सफेद, चम्याल गुलाबी, गहड़वाल भगवा और लमगड़िया पीले रंग की पोशाक में नजर आए। बग्वालियों के हाथों में बांस और रिंगाल से निर्मित पारंपरिक ढालें थीं।

फल और फूलों की बरसात के बीच पूरा बग्वाल मैदान मां वाराही के जयकारों से गूंज उठा। पीठाचार्य पंडित कीर्तिबल्लभ जोशी के अनुसार फल-फूलों से खेली जाने वाली बग्वाल को शुभ एवं फलदायी माना जाता है। बग्वाल का संचालन और चारों खामों के आगमन की जिम्मेदारी भी पीठाचार्य ने निभाई।

मुख्यमंत्री धामी ने किए मां वाराही के दर्शन

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भी ऐतिहासिक बग्वाल के साक्षी बने। देवीधुरा पहुंचकर उन्होंने मां वाराही देवी की विधिवत पूजा-अर्चना की और प्रदेशवासियों के सुख, समृद्धि एवं खुशहाली की कामना की। मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों को रक्षाबंधन की शुभकामनाएं देते हुए मां वाराही से सभी पर कृपा बनाए रखने की प्रार्थना की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि देवीधुरा की बग्वाल उत्तराखंड की आस्था, लोक संस्कृति और सामुदायिक सहभागिता का जीवंत प्रतीक है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार विकास के साथ अपनी सांस्कृतिक जड़ों, लोक परंपराओं और ऐतिहासिक धरोहरों के संरक्षण पर भी विशेष ध्यान दे रही है।

देवीधुरा में विकास कार्यों को मिलेगी रफ्तार

मुख्यमंत्री ने बताया कि ‘मानसखंड मंदिर माला मिशन’ के तहत कुमाऊं क्षेत्र के प्रमुख धार्मिक स्थलों का विकास किया जा रहा है। देवीधुरा मंदिर परिसर में 4.27 करोड़ रुपये की लागत से गढ़वाल खाम भवन और 4.57 करोड़ रुपये की लागत से रणकोची मंदिर का पुनर्निर्माण कार्य प्रगति पर है।

उन्होंने देवीधुरा को नगर पंचायत क्षेत्र बनाने की बात कही। साथ ही 9.80 करोड़ रुपये की लागत से मल्टी लेवल पार्किंग का निर्माण शीघ्र कराने की बात कही। मुख्यमंत्री ने कहा कि बग्वाल मेले को राजकीय मेला घोषित करने से इसकी गरिमा बढ़ी है और व्यवस्थाओं को भी बेहतर किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि धार्मिक पर्यटन के जरिए स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के साथ रोजगार और स्वरोजगार के अवसर बढ़ाए जाएंगे। उन्होंने ‘विकास भी और विरासत भी’ के संकल्प को दोहराते हुए युवा पीढ़ी से सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण में भागीदारी का आह्वान किया।

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री राम सिंह कैड़ा, केंद्रीय राज्यमंत्री एवं सांसद अजय टम्टा सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, श्रद्धालु और गणमान्य लोग मौजूद रहे।

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