देश विदेश राज्य उत्तराखंड मनोरंजन अपराध धर्म लाइफस्टाइल प्रेस रिलीज़
---Advertisement---

बार-बार चुनाव विकास में बाधक, ‘एक राष्ट्र-एक चुनाव’ आज देश की जरूरत: शिवराज सिंह चौहान

By Smita Chouhan

Published on:

---Advertisement---

हरिद्वार :- हरिद्वार में आयोजित संत समागम में ‘एक राष्ट्र-एक चुनाव’ को लेकर केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बड़ा संदेश दिया। प्राचीन अवधूत मंडल आश्रम में संत समाज को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि बार-बार होने वाले चुनाव देश की विकास गति को प्रभावित करते हैं। उन्होंने ‘एक राष्ट्र-एक चुनाव’ को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संकल्प से जोड़ते हुए इसे देशहित में आवश्यक बताया।

शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि चुनावों की लगातार प्रक्रिया में प्रशासनिक व्यवस्था का बड़ा हिस्सा चुनावी तैयारियों और ड्यूटी में व्यस्त रहता है। शिक्षक, पुलिस, प्रशासनिक अधिकारी और सुरक्षा बलों की तैनाती होने से सामान्य प्रशासन और विकास कार्य प्रभावित होते हैं। साथ ही चुनाव कराने में समय और बड़ी मात्रा में सार्वजनिक संसाधनों का इस्तेमाल होता है।

उन्होंने कहा कि लोकसभा और विधानसभा चुनाव यदि एक साथ होते हैं तो इससे चुनावी खर्च और प्रशासनिक संसाधनों की बचत हो सकती है। बचने वाले समय और संसाधनों को विकास एवं जनकल्याण के कार्यों में लगाया जा सकेगा। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि देश को लगातार आगे बढ़ाने के लिए शासन का अधिकतम समय विकास पर केंद्रित होना जरूरी है।
संत समाज से अपील करते हुए शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि संतों की समाज में व्यापक स्वीकार्यता और प्रभाव है। ऐसे में संत अपने प्रवचनों और संवाद के माध्यम से ‘एक राष्ट्र-एक चुनाव’ के विषय पर लोगों को जागरूक कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि यह किसी पार्टी का नहीं, बल्कि राष्ट्र का विषय है और देश सर्वोपरि है।

केंद्रीय मंत्री ने इसी दौरान ‘वंदे मातरम’ के पूर्ण स्वरूप को लेकर भी अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि वंदे मातरम देश की एकता और राष्ट्रभक्ति की भावना का प्रतीक है। उन्होंने संत समाज से इसके पूर्ण स्वरूप के प्रति जनभावना मजबूत करने का आह्वान किया।

Oplus_16908288

वहीं मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि ‘एक राष्ट्र-एक चुनाव’ को केवल राजनीतिक दृष्टि से नहीं देखा जाना चाहिए। यह राष्ट्रहित, सुशासन, जनकल्याण और सरकारी संसाधनों के बेहतर इस्तेमाल से जुड़ा विषय है।
सीएम धामी ने कहा कि लगातार चुनाव होने के कारण आचार संहिता लागू होती है और बड़ी संख्या में अधिकारी, शिक्षक, पुलिस तथा सुरक्षा बल चुनावी दायित्वों में जुट जाते हैं। इससे विकास और जनसेवा के कार्यों पर असर पड़ता है। एक साथ चुनाव होने से प्रशासन को अधिक समय विकास कार्यों के लिए मिल सकेगा।

Oplus_16908288

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘एक राष्ट्र-एक चुनाव’ के विषय को राष्ट्रीय विमर्श के केंद्र में लाने की पहल की है। विकसित भारत-2047 के लक्ष्य को हासिल करने के लिए विकास की निरंतर गति जरूरी है। उन्होंने संत समाज से इस विषय पर समाज का मार्गदर्शन करने की अपील करते हुए कहा कि लोकतंत्र मजबूत हो, विकास निरंतर हो, संस्कृति सुरक्षित रहे और राष्ट्र सर्वोपरि रहे।

Oplus_16908288
---Advertisement---

Leave a Comment