खटीमा, 1 अगस्त 2026। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को खटीमा में आयोजित थारू जनजाति संवाद कार्यक्रम में प्रतिभाग कर थारू समाज के प्रतिनिधियों से सीधा संवाद किया। इस दौरान उन्होंने समाज की समस्याओं, सुझावों और अपेक्षाओं को गंभीरता से सुना और कहा कि सरकार जनजातीय समुदाय के सर्वांगीण विकास के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है।

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने बीएसएफ के एवरेस्ट विजेता मोहन सिंह राणा और आईटीबीपी के एवरेस्ट विजेता टीला सेन को सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि पूरे प्रदेश और विशेष रूप से जनजातीय समाज के लिए गौरव का विषय है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि संवाद केवल औपचारिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि सरकार और थारू समाज के बीच विश्वास और विकास की साझेदारी को मजबूत करने का माध्यम है। उन्होंने कहा कि उनका थारू समाज से जुड़ाव वर्षों पुराना है और खटीमा से उनका आत्मीय संबंध हमेशा बना रहेगा। इसी कारण वे स्वयं समाज के बीच आकर उनकी समस्याएं सुनने और योजनाओं को अधिक प्रभावी बनाने के लिए सुझाव लेने आए हैं।

उन्होंने कहा कि प्रदेश में धर्मांतरण की रोकथाम के लिए सख्त धर्मांतरण विरोधी कानून लागू किया गया है और इस प्रकार की गतिविधियों में शामिल लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जा रही है। साथ ही केंद्र और राज्य सरकार संयुक्त रूप से नशे के खिलाफ व्यापक अभियान चला रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि नशा केवल व्यक्ति नहीं, बल्कि पूरे परिवार को बर्बाद कर देता है, इसलिए समाज और प्रशासन को मिलकर जनजागरूकता अभियान चलाना होगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, स्वास्थ्य सुविधाओं, रोजगार और आधारभूत ढांचे को मजबूत कर जनजातीय समुदाय को आत्मनिर्भर बनाने के लिए लगातार काम कर रही है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पहली बार जनजातीय समाज के सम्मान और सशक्तिकरण को राष्ट्रीय प्राथमिकता मिली है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु का जनजातीय समाज से होना इस सोच का सबसे बड़ा उदाहरण है।

संवाद कार्यक्रम के दौरान थारू समाज के प्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री हमेशा समाज के सुख-दुख में सहभागी रहे हैं और थारू संस्कृति एवं परंपराओं के संरक्षण के लिए किए गए कार्य ऐतिहासिक हैं।







