देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में गुरुवार को हुई उत्तराखंड कैबिनेट बैठक में राज्य के विकास, पर्यटन, शिक्षा, प्रशासनिक सुधार और वित्तीय प्रबंधन से जुड़े 10 महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। बैठक के बाद मुख्यमंत्री के अपर सचिव बंशीधर तिवारी ने प्रेस वार्ता कर कैबिनेट के फैसलों की विस्तृत जानकारी दी।

कैबिनेट ने सामाजिक सरोकारों को ध्यान में रखते हुए पिथौरागढ़ स्थित नन्ही परी संस्थान को तीन हेक्टेयर भूमि आवंटित करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी। इसके साथ ही तकनीकी शिक्षा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से तकनीकी विश्वविद्यालय के इंजीनियरिंग कॉलेज के लिए 14.857 हेक्टेयर भूमि तकनीकी शिक्षा विभाग के नाम हस्तांतरित करने का निर्णय लिया गया।

राज्य में साहसिक पर्यटन को सुरक्षित और व्यवस्थित बनाने के लिए उत्तराखंड रिवर राफ्टिंग एवं कयाकिंग (संशोधन) नियमावली-2026 को भी मंजूरी दी गई। सरकार का कहना है कि नई नियमावली से राफ्टिंग और कयाकिंग गतिविधियों के संचालन में सुरक्षा मानकों को और सख्ती से लागू किया जाएगा, जिससे पर्यटकों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।

शिक्षा के क्षेत्र में भी महत्वपूर्ण फैसला लेते हुए कैबिनेट ने प्रधानमंत्री पोषण योजना के तहत श्रीनगर स्थित अक्षय पात्र फाउंडेशन को कक्षा 1 से 8 तक के विद्यार्थियों के लिए पका हुआ मिड-डे मील उपलब्ध कराने की मंजूरी दी। इससे सरकारी विद्यालयों में अध्ययनरत बच्चों को गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।
सहकारिता विभाग के अंतर्गत उत्तराखंड राज्य भंडारण निगम के 68 नियमित कर्मचारियों को सातवें वेतन आयोग का लाभ देने का भी निर्णय लिया गया। लंबे समय से लंबित इस मांग के पूरा होने से कर्मचारियों को आर्थिक राहत मिलने की उम्मीद है।
आगामी कुंभ मेले की वित्तीय निगरानी और पारदर्शिता को मजबूत बनाने के लिए कैबिनेट ने वरिष्ठ लेखा अधिकारी और अधिशासी अभियंता के एक-एक नए पद सृजित करने की मंजूरी दी। वहीं वित्त विभाग में लेखाकार सहित अन्य पदों पर पदोन्नति के लिए नियमावली में संशोधन करते हुए अब ज्येष्ठता के आधार पर पदोन्नति का प्रावधान किया गया है। इसके अलावा विभाग में ऑडिट प्रकोष्ठ के गठन, दो पदों के पुनर्गठन तथा दो नए पदों के सृजन को भी स्वीकृति दी गई।
रोजगार के क्षेत्र में विदेशों में रोजगार के अवसरों को बेहतर ढंग से संचालित करने के लिए सहसपुर स्थित विदेश रोजगार प्रकोष्ठ में सात नए पद सृजित किए जाएंगे। साथ ही विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने के लिए प्रोजेक्ट मैनेजमेंट यूनिट (PMU) का गठन किया जाएगा।
कैबिनेट बैठक में बापूग्राम, बिन्दुखत्ता और 54 बग्गा भूमि से जुड़े मामलों पर भी चर्चा हुई। इन मामलों के समाधान के लिए मुख्य सचिव की अध्यक्षता में एक समिति गठित की जाएगी, जो विस्तृत प्रस्ताव तैयार कर केंद्र सरकार को भेजेगी।
बैठक का एक महत्वपूर्ण निर्णय मदरसा बोर्ड को लेकर भी रहा। कैबिनेट ने वित्तीय वर्ष 2027-28 से मदरसा बोर्ड के बजट मद को समाप्त करने का फैसला लिया। सरकार का कहना है कि यह निर्णय वित्तीय पुनर्संरचना और संसाधनों के बेहतर प्रबंधन के उद्देश्य से लिया गया है।
सरकार का मानना है कि कैबिनेट के इन फैसलों से राज्य में शिक्षा, पर्यटन, प्रशासनिक दक्षता, वित्तीय पारदर्शिता और रोजगार के क्षेत्र में सकारात्मक प्रभाव देखने को मिलेगा।






