ऋषिकेश :- अखिल भारतीय संत समिति के राष्ट्रीय सचिव एवं महामंडलेश्वर ईश्वर दास महाराज ने राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय को लेकर कहा कि उनका पूरा जीवन सनातन धर्म, राष्ट्र और राम जन्मभूमि आंदोलन के लिए समर्पित रहा है, लेकिन उनके कार्यकाल में सामने आया चंदा चोरी का प्रकरण बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।

ऋषिकेश में पत्रकारों से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा कि चंपत राय का त्याग, परिश्रम और सादगीपूर्ण जीवन किसी से छिपा नहीं है। उन्होंने कहा कि वह पिछले लगभग 40 वर्षों से चंपत राय को जानते हैं और हमेशा उन्हें साधारण कुर्ता-धोती और एक थैले के साथ बेहद सादगीपूर्ण जीवन जीते हुए देखा है।

महामंडलेश्वर ईश्वर दास महाराज ने कहा कि राम जन्मभूमि आंदोलन, रामलीला मैदान की धर्म संसद, 84 कोस परिक्रमा और विश्व हिंदू परिषद के विभिन्न कार्यक्रमों में चंपत राय की भूमिका महत्वपूर्ण रही है। उन्होंने अशोक सिंघल के साथ मिलकर राम मंदिर आंदोलन को आगे बढ़ाने में अहम योगदान दिया है।


हालांकि, उन्होंने कहा कि राम जन्मभूमि के कर्मचारियों पर लगे चंदा चोरी के आरोप और उसके बाद सामने आए घटनाक्रम ने पूरे सनातन समाज को आहत किया है। उन्होंने कहा कि नैतिकता के आधार पर एसआईटी गठन की मांग स्वयं ट्रस्ट की ओर से की गई थी, जिससे स्पष्ट है कि मामले की गंभीरता को स्वीकार किया गया।
उन्होंने कहा कि ट्रस्ट के महासचिव होने के नाते चंपत राय की भूमिका भी इस प्रक्रिया में अवश्य रही होगी और एसआईटी के गठन के बाद आरोपित लोगों की गिरफ्तारी हुई। उन्होंने कहा कि इस तरह के आरोप पूरे सनातन समाज के लिए दुर्भाग्यपूर्ण हैं और मामले की निष्पक्ष जांच के बाद सच्चाई सामने आनी चाहिए।







