रामनगर :- मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रविवार को रामनगर क्षेत्र में 29.65 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित धनगढ़ी सेतु का लोकार्पण करते हुए कहा कि यह परियोजना केवल बुनियादी ढांचे का विकास नहीं, बल्कि उत्तराखंड के समग्र विकास और आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।


220.90 मीटर लंबे इस प्री-स्ट्रेस्ड गर्डर सेतु के निर्माण से कुमाऊँ और गढ़वाल मंडलों के बीच संपर्क और अधिक मजबूत होगा। यह पुल जिम कॉर्बेट राष्ट्रीय उद्यान, नैनीताल, अल्मोड़ा, बागेश्वर, पिथौरागढ़, चम्पावत और पौड़ी गढ़वाल जाने वाले लाखों यात्रियों, पर्यटकों और व्यापारियों के लिए लाभकारी साबित होगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार की कार्यसंस्कृति “सरलीकरण, समाधान, निस्तारण एवं संतुष्टि” पर आधारित है। सरकार का उद्देश्य केवल योजनाओं की घोषणा करना नहीं, बल्कि उन्हें समयबद्ध ढंग से पूरा कर जनता को उनका लाभ उपलब्ध कराना है।

उन्होंने बताया कि धनगढ़ी सेतु के निकट लगभग 18.43 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित पनौद पुल का निर्माण कार्य भी अंतिम चरण में है। इसके पूरा होने से क्षेत्र में आवागमन और अधिक सुरक्षित तथा सुगम हो जाएगा।
केंद्रीय राज्य मंत्री अजय टम्टा ने कहा कि धनगढ़ी सेतु के निर्माण से वर्षभर सुरक्षित और निर्बाध यातायात सुनिश्चित होगा। इससे व्यापार, कृषि, पर्यटन, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं को नई गति मिलेगी। साथ ही चारधाम यात्रा पर जाने वाले श्रद्धालुओं और जिम कॉर्बेट राष्ट्रीय उद्यान आने वाले देश-विदेश के पर्यटकों को भी इसका सीधा लाभ मिलेगा।

मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर कहा कि उत्तराखंड को विकसित, समृद्ध और आत्मनिर्भर राज्य बनाने के लिए सरकार निरंतर विकास कार्यों को गति दे रही है और आने वाले वर्षों में प्रदेश को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है।







