हलद्वानी :- बद्रीनाथ धाम में चढ़ावे को लेकर सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे कथित गड़बड़ी के आरोपों के बाद बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच प्रक्रिया शुरू कर दी है। मंदिर समिति के अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने इस पूरे प्रकरण पर अपना आधिकारिक पक्ष रखते हुए स्पष्ट किया है कि मामले की निष्पक्ष जांच की जाएगी और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

हेमंत द्विवेदी ने बताया कि सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रही जानकारी और आरोपों का संज्ञान लेते हुए समिति ने संबंधित कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस जारी कर दिया है। उन्होंने कहा कि समिति की प्राथमिकता सत्यता का पता लगाना और धार्मिक संस्थानों की पारदर्शिता एवं विश्वसनीयता को बनाए रखना है। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि वायरल दावों में कितनी सच्चाई है।

उन्होंने सोशल मीडिया पर चल रही एक अन्य भ्रामक जानकारी का भी खंडन किया। उनके अनुसार, कुछ लोग एक व्यक्ति को उनका निजी सचिव बताकर सोशल मीडिया पर पोस्ट प्रसारित कर रहे हैं, जबकि उनके पास कोई निजी सचिव नियुक्त नहीं है। उन्होंने इसे भ्रामक और तथ्यहीन प्रचार बताया।

मंदिर समिति अध्यक्ष ने कहा कि बद्रीनाथ और केदारनाथ धाम करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था और विश्वास के प्रतीक हैं। ऐसे संवेदनशील मामलों में बिना पुष्टि के किसी भी प्रकार की जानकारी प्रसारित करने से भ्रम की स्थिति पैदा हो सकती है। उन्होंने आम लोगों और श्रद्धालुओं से अपील की कि वे किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न दें और जांच पूरी होने तक संयम बनाए रखें।

गौरतलब है कि सोशल मीडिया पर वायरल हुए दावों के बाद यह मामला चर्चा का विषय बना हुआ है। अब सभी की निगाहें मंदिर समिति की जांच पर टिकी हैं, क्योंकि जांच रिपोर्ट के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि यह मामला वास्तविक गड़बड़ी का है या फिर सोशल मीडिया पर फैलाई गई एक अफवाह का।







