देहरादून, 2 जुलाई: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार को देहरादून स्थित आईटी पार्क में आयोजित राज्य स्तरीय मानसून पूर्व मॉक ड्रिल के दौरान अधिकारियों को प्रभावी आपदा प्रबंधन के लिए व्यापक दिशा-निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड जैसे भौगोलिक दृष्टि से संवेदनशील राज्य में आपदा प्रबंधन केवल प्रशासनिक जिम्मेदारी नहीं, बल्कि सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने कहा कि मानसून के दौरान संभावित आपदाओं से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए पूर्व तैयारी, त्वरित निर्णय, बेहतर समन्वय और आधुनिक तकनीकों का समुचित उपयोग बेहद आवश्यक है।


मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य स्तरीय मॉक ड्रिल केवल एक औपचारिक अभ्यास नहीं है, बल्कि यह विभिन्न विभागों की कार्यक्षमता, संसाधनों की उपलब्धता, संचार व्यवस्था और राहत एवं बचाव तंत्र की वास्तविक तैयारी का व्यापक परीक्षण है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि आपदा प्रबंधन को केवल राहत और बचाव कार्यों तक सीमित न रखा जाए, बल्कि जोखिम न्यूनीकरण, पूर्व चेतावनी और तकनीक आधारित प्रबंधन पर विशेष फोकस किया जाए।
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि राज्य सरकार आपदा प्रबंधन प्रणाली को आधुनिक तकनीकों से सशक्त बना रही है। इसके तहत एआई आधारित अर्ली वार्निंग सिस्टम, डिजिटल मॉनिटरिंग सिस्टम, ड्रोन सर्विलांस, जीआईएस मैपिंग, सैटेलाइट मॉनिटरिंग और डेटा आधारित जोखिम आकलन जैसी अत्याधुनिक तकनीकों का उपयोग किया जा रहा है, ताकि संभावित आपदाओं का समय रहते आकलन कर जन-धन की हानि को न्यूनतम किया जा सके।

उन्होंने कहा कि आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने के लिए रैपिड रिस्पॉन्स टीमों को और अधिक मजबूत बनाया गया है तथा दूरस्थ और संवेदनशील क्षेत्रों तक समय पर चेतावनी पहुंचाने के लिए अर्ली वार्निंग सिस्टम को लगातार सुदृढ़ किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने पर्यावरण संरक्षण को आपदा जोखिम कम करने का सबसे प्रभावी माध्यम बताते हुए जल स्रोत संरक्षण, ग्लेशियर अध्ययन, पौधारोपण और जन-जागरूकता कार्यक्रमों को बढ़ावा देने पर भी जोर दिया।
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि मॉक ड्रिल के दौरान सामने आई कमियों और अनुभवों का गंभीरता से विश्लेषण किया जाए तथा सभी जनपद 72 घंटे के भीतर अपनी विस्तृत समीक्षा रिपोर्ट उत्तराखंड राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण को उपलब्ध कराएं। उन्होंने कहा कि प्रत्येक नागरिक तक आपदा सुरक्षा उपायों, आपातकालीन संपर्क नंबरों और प्राथमिक सावधानियों की जानकारी पहुंचाने के लिए व्यापक जन-जागरूकता अभियान चलाए जाएं।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने उत्तराखंड राज्य आपदा प्रबंधन योजना (एसडीएमपी) और राज्य के सभी 13 जनपदों की जिला आपदा प्रबंधन योजनाओं (डीडीएमपी) का विमोचन भी किया। साथ ही उन्होंने एसडीआरएफ, एनडीआरएफ और अग्निशमन विभाग द्वारा लगाए गए आधुनिक राहत एवं बचाव उपकरणों की प्रदर्शनी का अवलोकन किया और उनके संचालन तथा उपयोगिता की जानकारी प्राप्त की।







