रुद्रपुर: रुद्रपुर के गांधी मैदान में आयोजित ‘खेत बचाओ अभियान’ कार्यक्रम में केंद्र और राज्य सरकार ने किसानों के हित में कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कृषि, बागवानी, प्राकृतिक खेती और मिट्टी संरक्षण को लेकर अपनी सरकारों की प्राथमिकताओं को सामने रखा।



केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने अपने संबोधन में कहा कि कृषि मंत्री का पहला दायित्व किसानों का सेवक बनकर काम करना है। उन्होंने कहा कि जलवायु परिवर्तन आज कृषि क्षेत्र के सामने सबसे बड़ी चुनौती बनकर उभरा है, लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश हर चुनौती का मजबूती से सामना करेगा। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में कृषि और बागवानी के क्षेत्र में अपार संभावनाएं हैं और निकट भविष्य में राज्य देश के प्रमुख हॉर्टिकल्चर हब के रूप में अपनी पहचान बनाएगा।


शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि केंद्र सरकार उत्तराखंड के बागवानी क्षेत्र को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने मुक्तेश्वर में ₹100 करोड़ की लागत से क्लीन प्लांट सेंटर स्थापित करने की घोषणा करते हुए कहा कि इससे सेब, अखरोट और बादाम के गुणवत्तापूर्ण पौधों का उत्पादन बढ़ेगा। इसके साथ ही चौबटिया में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस और कीवी उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए विशेष योजना पर भी कार्य किया जाएगा। उन्होंने किसानों से प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का लाभ लेने और मृदा परीक्षण आधारित खेती अपनाने की अपील की।


केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि “जब खेत बचेंगे तो जमीन बचेगी, जमीन बचेगी तो पृथ्वी बचेगी और पृथ्वी बचेगी तो जीवन सुरक्षित रहेगा।” उन्होंने किसानों से मृदा संरक्षण, संतुलित उर्वरक उपयोग और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण का आह्वान करते हुए कहा कि भूमि केवल उत्पादन का साधन नहीं, बल्कि हमारी धरती माता है, जिसका संरक्षण हम सभी की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत आज कृषि उत्पादन के क्षेत्र में नए कीर्तिमान स्थापित कर रहा है और चावल उत्पादन में विश्व में पहला स्थान हासिल कर चुका है।
शिवराज सिंह चौहान ने यह भी घोषणा की कि जंगली जानवरों से फसलों की सुरक्षा के लिए घेरबाड़ कार्य हेतु ₹65 करोड़ की राशि उपलब्ध कराई जाएगी। वहीं, किसानों को मौसम की सटीक जानकारी देने और प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना को और प्रभावी बनाने के लिए प्रदेश में ₹104 करोड़ की लागत से ऑटोमैटिक वेदर स्टेशन स्थापित किए जाएंगे। उन्होंने किसानों से प्राकृतिक और जैविक खेती को अपनाने तथा मृदा परीक्षण के आधार पर उर्वरकों का उपयोग करने की अपील की।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि किसान देश की खाद्य सुरक्षा और अर्थव्यवस्था की आधारशिला हैं। उन्होंने कहा कि यदि मिट्टी स्वस्थ रहेगी तो कृषि उत्पादन भी बेहतर होगा और मानव स्वास्थ्य भी सुरक्षित रहेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में किसानों के कल्याण के लिए अनेक ऐतिहासिक कदम उठाए गए हैं और उत्तराखंड सरकार भी किसानों को हरसंभव सहायता प्रदान कर रही है।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि राज्य सरकार किसानों को ₹3 लाख तक का ब्याजमुक्त कृषि ऋण, मुफ्त सिंचाई सुविधा और कृषि यंत्रों पर 80 प्रतिशत तक अनुदान उपलब्ध करा रही है। उन्होंने बताया कि राज्य में प्राकृतिक खेती, जैविक खेती, बागवानी, पॉलीहाउस, कोल्ड स्टोरेज और कृषि आधारित उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार योजनाएं बना सकती है, लेकिन कृषि क्षेत्र में वास्तविक परिवर्तन तभी संभव होगा, जब किसान स्वयं इस बदलाव का नेतृत्व करेंगे।

मुख्यमंत्री ने किसानों से आह्वान किया कि वे मिट्टी के स्वास्थ्य को बचाने, प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण करने और “खेत बचाओ अभियान” को जनभागीदारी का आंदोलन बनाने के लिए आगे आएं। उन्होंने विश्वास जताया कि किसानों की मेहनत और सरकार की योजनाओं के समन्वय से उत्तराखंड कृषि और बागवानी के क्षेत्र में देश के अग्रणी राज्यों में शामिल होगा।







