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एआई, ड्रोन और डिजिटल कृषि पर जोर, पंतनगर में कृषि के भविष्य की बनी रणनीति

By Smita Chouhan

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उधमसिंह नगर : पंडित गोविंद बल्लभ पंत कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, पंतनगर में आयोजित पूर्व छात्र कार्यशाला “ब्रेन 3.0” में कृषि के भविष्य, तकनीकी नवाचार और युवाओं की भूमिका पर विस्तार से चर्चा हुई। कार्यक्रम में केंद्रीय कृषि मंत्री Shivraj Singh Chouhan और मुख्यमंत्री Pushkar Singh Dhami ने कृषि क्षेत्र में आधुनिक तकनीकों के उपयोग पर विशेष बल दिया।

केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने पंतनगर विश्वविद्यालय को भारतीय कृषि इतिहास का गौरवशाली केंद्र बताते हुए कहा कि यह संस्थान देश को वैज्ञानिक, नीति-निर्माता और कृषि उद्यमी देने वाला महत्वपूर्ण केंद्र रहा है। उन्होंने कहा कि आज भारत करीब 377 मिलियन टन खाद्यान्न उत्पादन कर रहा है और चावल उत्पादन में चीन को पीछे छोड़ते हुए विश्व में पहला स्थान हासिल कर चुका है। उन्होंने कहा कि भारतीय कृषि के इस गौरवशाली सफर में पंतनगर विश्वविद्यालय की भूमिका अतुलनीय रही है।

केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि जलवायु परिवर्तन, घटते भूजल स्तर और मिट्टी की बिगड़ती गुणवत्ता जैसी चुनौतियों का सामना करने के लिए वैज्ञानिक अनुसंधान और नवाचार की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि पंतनगर विश्वविद्यालय ने देश को केवल डिग्रियां नहीं, बल्कि ऐसे विशेषज्ञ दिए हैं जिन्होंने भारतीय कृषि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई दिशा दी है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि उत्तराखंड की पर्वतीय कृषि कई चुनौतियों से जूझ रही है, जिनका समाधान ज्ञान, तकनीक और सामूहिक प्रयासों से ही संभव है। उन्होंने पूर्व छात्रों से कृषि उद्यमिता, जैविक खेती, डिजिटल मार्केटिंग और कृषि आधारित स्टार्टअप के क्षेत्र में युवाओं और किसानों का मार्गदर्शन करने का आह्वान किया। इस दौरान केंद्रीय मंत्री और मुख्यमंत्री ने विश्वविद्यालय परिसर में पौधरोपण किया, स्वयं सहायता समूहों के स्टॉलों का निरीक्षण किया और विद्यार्थियों के साथ धान की रोपाई कर पर्यावरण संरक्षण और कृषि संस्कृति का संदेश दिया।

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