ऊधमसिंह नगर। उत्तराखंड में मदरसा शिक्षा व्यवस्था को लेकर नई व्यवस्था लागू होने के बाद प्रशासन ने नियमों के अनुपालन को लेकर सख्ती बढ़ा दी है। ऊधमसिंह नगर जिले के बाजपुर परगना क्षेत्र में प्रशासन ने निरीक्षण के दौरान आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर पाने वाले चार मदरसों को सील कर दिया।
जिला प्रशासन के निर्देश पर एसडीएम बाजपुर ऋचा सिंह और कोतवाली निरीक्षक नरेश चौहान के नेतृत्व में पुलिस बल के साथ कार्रवाई की गई। प्रशासन के अनुसार, निरीक्षण के दौरान संबंधित मदरसा संचालक संस्थान की आवश्यक मान्यता और अन्य जरूरी दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सके। इसके बाद नियमानुसार सीलिंग की कार्रवाई की गई।

प्रशासन की कार्रवाई में मदरसा जामिया हनफिया रजाउत उलूम, बाजपुर, मदरसा गुलशने इस्लाम, कनोरा, मदरसा जामिया फातिमा, बाजपुर और मदरसा मोइनुल उलूम, मोहल्ला गांधीनगर, केलाखेड़ा-बाजपुर शामिल हैं।
एसडीएम ऋचा सिंह ने बताया कि जिलाधिकारी के निर्देश पर क्षेत्र में संचालित मदरसों का लगातार निरीक्षण किया जा रहा है। प्रशासन यह देख रहा है कि संबंधित संस्थानों के पास निर्धारित मान्यता और आवश्यक दस्तावेज मौजूद हैं या नहीं। जिन संस्थानों में नियमों का पालन नहीं पाया जाएगा, उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

अन्य मदरसे भी जांच के घेरे में
चार मदरसों पर कार्रवाई के बाद प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जांच अभियान अभी खत्म नहीं हुआ है। बाजपुर क्षेत्र में संचालित अन्य मदरसों का भी निरीक्षण किया जा रहा है। दस्तावेजों और मान्यता से संबंधित स्थिति की जांच के बाद आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।
हाई कोर्ट पहुंचा नई व्यवस्था का मामला
मदरसा शिक्षा की नई व्यवस्था को लेकर मामला नैनीताल हाई कोर्ट भी पहुंच चुका है। कुछ मदरसा संचालकों ने मान्यता संबंधी नए प्रावधानों को चुनौती देते हुए याचिका दाखिल की है। याचिकाकर्ताओं का कहना है कि नई व्यवस्था के तहत अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण और शिक्षा बोर्ड से मान्यता की अनिवार्यता से कई संस्थानों के सामने संचालन संबंधी समस्याएं खड़ी हो सकती हैं।

प्रारंभिक सुनवाई में हाई कोर्ट ने राज्य सरकार से जवाब मांगा है। मामले की अगली सुनवाई 15 सितंबर को प्रस्तावित है।
सरकार बोली—बच्चों को मिले आधुनिक और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा
अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के सचिव डॉ. पराग मधुकर धकाते के अनुसार नई व्यवस्था का उद्देश्य बच्चों को उनकी धार्मिक एवं सांस्कृतिक पहचान से जोड़ते हुए उन्हें आधुनिक शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ना है। इसके तहत विज्ञान, गणित, कंप्यूटर और कौशल विकास जैसे विषयों पर भी जोर दिया जा रहा है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की सरकार का कहना है कि प्रदेश में संचालित हर शिक्षण संस्थान को निर्धारित नियमों और कानूनों का पालन करना होगा। सरकार के अनुसार नियमों के अनुरूप संचालित संस्थानों को व्यवस्था के तहत काम करने का अवसर मिलेगा, जबकि आवश्यक मानकों और प्रावधानों का उल्लंघन करने वालों पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
बाजपुर में चार मदरसों को सील किए जाने के बाद अब प्रशासन की नजर क्षेत्र के अन्य संस्थानों पर है। आने वाले दिनों में निरीक्षण अभियान के दौरान सामने आने वाली कमियों के आधार पर कार्रवाई का दायरा और बढ़ सकता है।








