देहरादून :- उत्तराखंड में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में विकास, रोजगार, स्वास्थ्य, ऊर्जा और कर्मचारी हितों से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। बैठक में कुल 17 प्रमुख फैसलों पर सहमति बनी।

कैबिनेट ने उत्तराखंड राज्य सहकारिता नीति-2026 को मंजूरी देकर सहकारिता क्षेत्र को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। नई नीति के तहत सहकारी संस्थाओं को तकनीक आधारित, पारदर्शी और आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने पर जोर रहेगा। इसमें महिला और युवा सशक्तिकरण, रोजगार सृजन, वित्तीय समावेशन और पलायन से पुनर्वास जैसे विषयों को भी प्राथमिकता दी गई है।

कर्मचारियों से जुड़े फैसले में उत्तराखंड सरकारी सेवक वेतन नियम-2016 की वेतन मैट्रिक्स को संशोधित किया गया है। वहीं उपनल कर्मियों के लिए समान कार्य-समान वेतन की व्यवस्था को चरणबद्ध तरीके से लागू करने पर कैबिनेट ने सहमति दी है। लंबे समय से कार्यरत उपनल कर्मियों को न्यूनतम वेतन और महंगाई भत्ते का लाभ देने तथा अतिरिक्त कार्मिकों के समायोजन के लिए शासन स्तर पर अलग समिति गठित करने का भी निर्णय लिया गया।

स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए उत्तराखंड मेडिकल सप्लाईज कॉर्पोरेशन का गठन किया जाएगा। इसके जरिए दवाओं, सर्जिकल सामग्री, चिकित्सा उपकरणों और इंप्लांट की खरीद को अधिक पारदर्शी और समयबद्ध बनाने का प्रयास होगा। वहीं हरिद्वार में एनसीडीसी की शाखा स्थापित करने के लिए एक एकड़ भूमि 99 वर्ष की लीज पर देने को मंजूरी दी गई है।

ऊर्जा सुरक्षा के लिए भी कैबिनेट ने बड़ा फैसला लिया। उत्तराखंड पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड को 25 वर्षों के लिए 1320 मेगावाट कोयला आधारित बिजली खरीदने की अनुमति दी गई है। इसके लिए अडानी पावर लिमिटेड से ₹5.746 प्रति यूनिट के कुल टैरिफ पर बिजली खरीद प्रस्ताव को मंजूरी मिली है।
कैबिनेट ने सेवामुक्त अग्निवीरों के लिए छह पदों वाला एक समर्पित प्रकोष्ठ स्थापित करने का निर्णय लिया है। यह प्रकोष्ठ पूर्व अग्निवीरों को राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं का लाभ दिलाने और उनके पुनर्वास से जुड़े मामलों में काम करेगा।
वहीं शहीद सैनिकों के सम्मान में सरकार ने महत्वपूर्ण पहल की है। प्रदेश के शहीद सैनिकों की प्रतिमाएं उनके पैतृक गांवों में स्थापित की जाएंगी। सरकार के मुताबिक इस पहल का उद्देश्य शहीदों के बलिदान को हमेशा जीवंत रखना और आने वाली पीढ़ी को राष्ट्रसेवा के लिए प्रेरित करना है।
इसके साथ ही रिस्पना नदी किनारे बसी मलिन बस्ती के चयनित परिवारों को काठबंगला में बने 116 आवास आवंटित करने, शहरी आबादी का आधुनिक भू-सर्वेक्षण कराने, कारागार विभाग की सेवा नियमावली में संशोधन और लोकायुक्त खोजबीन समिति के लिए नई नियमावली बनाने सहित कई अन्य प्रस्तावों को भी कैबिनेट ने मंजूरी दी।






