चमोली :- ज्योतिर्मठ तहसील क्षेत्र के ग्राम लोंग सेगड़ी के समीप तमक नाले में अतिवृष्टि के बाद आए तेज पानी और मलबे की चपेट में आकर लापता हुए हवलदार पंकज की तलाश में रेस्क्यू अभियान लगातार जारी है। जिला प्रशासन के निर्देशन में प्रशासन, पुलिस, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, सीमा सड़क संगठन और गढ़वाल राइफल्स की टीमें युद्धस्तर पर सर्च ऑपरेशन चला रही हैं।

हवलदार पंकज सीमा सड़क संगठन की 123 इकाई में तैनात थे। तेज बहाव की चपेट में आने के बाद उनके लापता होने की सूचना मिली थी। इसके बाद से रेस्क्यू टीमें तमक नाले के आसपास मलबे, जलधाराओं, नदी के किनारों और अन्य संभावित स्थानों को खंगाल रही हैं।

लापता जवान की तलाश में तीन एक्सकेवेटर लगाए गए हैं। गढ़वाल राइफल्स और 123 इकाई के 50 से अधिक जवान भी लगातार अभियान में जुटे हैं। एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें दो सर्च एंड रेस्क्यू डॉग के साथ खोजबीन कर रही हैं। दुर्गम इलाकों में निगरानी के लिए ड्रोन की भी मदद ली जा रही है।
सर्च ऑपरेशन को और प्रभावी बनाने के लिए Ground Penetrating Radar यानी GPR समेत अत्याधुनिक सर्च और डिटेक्शन उपकरणों का इस्तेमाल किया जा रहा है। भारी बोल्डरों और मलबे को एक्सकेवेटर से हटाकर उनके नीचे और आसपास संभावित स्थानों की जांच की जा रही है।
प्रशासन ने तमक नाले से आगे नदी के दोनों किनारों तक सर्च का दायरा बढ़ा दिया है। संभावित सभी स्थानों को चिन्हित कर क्रमवार जांच की जा रही है, ताकि कोई भी क्षेत्र सर्च से छूट न जाए।
जिला प्रशासन पूरे अभियान की लगातार निगरानी कर रहा है और रेस्क्यू टीमों को आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराए जा रहे हैं। प्रशासन की प्राथमिकता लापता हवलदार पंकज की जल्द से जल्द तलाश करना है। तमक नाले से लेकर नदी के किनारों तक सघन खोज अभियान लगातार जारी है।







