देहरादून, 31 जुलाई। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री हेल्पलाइन-1905 की समीक्षा बैठक के दौरान विभिन्न जनपदों के शिकायतकर्ताओं से सीधे फोन पर बातचीत कर शिकायतों के निस्तारण की स्थिति जानी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जन शिकायतों का समाधान केवल औपचारिकता न हो, बल्कि शिकायतकर्ता की संतुष्टि भी सुनिश्चित की जाए।
मुख्यमंत्री ने अल्मोड़ा, टिहरी गढ़वाल, हरिद्वार और उधम सिंह नगर के शिकायतकर्ताओं से बातचीत की। अल्मोड़ा के मोहम्मद सलमान ने बताया कि कूड़ा निस्तारण संबंधी उनकी शिकायत का समाधान हो गया है। उन्होंने नाली निर्माण की समस्या भी बताई, जिस पर मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारी अल्मोड़ा को 24 घंटे के भीतर आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए।
टिहरी गढ़वाल के आकाश रमोला ने चम्बा स्थित सुमन कॉलोनी में पेयजल आपूर्ति की शिकायत के समाधान की जानकारी दी। हरिद्वार के जुल्फिकार खान द्वारा राजस्व विभाग से संबंधित समस्या बताने पर मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को शीघ्र समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उधम सिंह नगर के नजम खान और अल्मोड़ा के नंदन सिंह ने भी हेल्पलाइन के माध्यम से शिकायतों के संतोषजनक निस्तारण पर मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया।
समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि मुख्यमंत्री हेल्पलाइन पर दर्ज प्रत्येक शिकायत का समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि यह व्यवस्था प्रदेशवासियों की समस्याओं के त्वरित समाधान का प्रभावी माध्यम है और इसकी विश्वसनीयता बनाए रखना सरकार की प्राथमिकता है।
मुख्यमंत्री ने चारधाम यात्रा मार्गों की व्यवस्थाओं को लेकर भी निर्देश दिए। उन्होंने आपदा प्रबंधन, लोक निर्माण, पर्यटन, स्वास्थ्य और पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को यात्रा मार्गों का स्थलीय निरीक्षण कर व्यवस्थाओं को और अधिक सुदृढ़ बनाने को कहा। उन्होंने स्पष्ट किया कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।
बैठक में मुख्यमंत्री ने भूमि विवादों के प्राथमिकता के आधार पर समाधान, सेवानिवृत्त कर्मचारियों को पहले ही महीने से पेंशन शुरू करने, तथा आईएएस, आईपीएस और आईएफएस अधिकारियों द्वारा जनसुविधाओं के लिए किए गए नवाचारों की सूची 50 दिनों के भीतर उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि अगली समीक्षा बैठक में विभागों की कार्यप्रणाली का मूल्यांकन शिकायतकर्ताओं की संतुष्टि, गुणवत्तापूर्ण निस्तारण और अधिकारियों की जवाबदेही के आधार पर किया जाएगा। उन्होंने दोहराया कि जनता की समस्याओं के समाधान में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।







