देहरादून। उत्तराखंड में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान को लेकर मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. बी.वी.आर.सी. पुरुषोत्तम ने राजनीतिक दलों के साथ महत्वपूर्ण बैठक की। बैठक में अभियान की वर्तमान स्थिति, नोटिस वितरण, दावे-आपत्तियों के निस्तारण और बीएलओ स्तर पर कार्रवाई को लेकर विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया गया।

मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि राज्यभर में 24 लाख नोटिस जारी किए गए हैं, जिनमें से करीब 19 लाख नोटिस मतदाताओं तक पहुंच चुके हैं। उन्होंने कहा कि अभियान का उद्देश्य मतदाता सूची को अधिक सटीक और त्रुटिरहित बनाना है, इसलिए सभी प्रक्रियाएं पारदर्शिता और नियमों के अनुरूप संचालित की जा रही हैं।

उन्होंने कहा कि अब तक फार्म-6 के 93 हजार, फार्म-7 के 1.39 लाख और फार्म-8 के 40 हजार से अधिक आवेदन प्राप्त हुए हैं। फार्म-7 के मामलों में विस्तृत सत्यापन के बाद ही अंतिम कार्रवाई की जाएगी।

बैठक में दावे और आपत्तियों की प्रक्रिया को लेकर भी दिशा-निर्देश जारी किए गए। एक मतदाता अधिकतम पांच दावे या आपत्तियां दर्ज कर सकता है, जबकि बूथ लेवल एजेंट एक दिन में 10 और पुनरीक्षण अवधि में 30 फार्म तक प्रस्तुत कर सकते हैं। निर्धारित सीमा से अधिक मामलों में ईआरओ स्तर पर विशेष जांच और सत्यापन किया जाएगा।

डॉ. पुरुषोत्तम ने जिलों को निर्देश दिए कि सामान्य विसंगति वाले मामलों का निस्तारण बीएलओ स्तर पर ही किया जाए। उन्होंने कहा कि दस्तावेजों के सत्यापन के बाद बीएलओ स्वयं ऐसे मामलों का समाधान करें, ताकि नागरिकों को अनावश्यक रूप से निर्वाचन कार्यालयों में न आना पड़े।

मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने यह भी निर्देश दिया कि जिन मतदाताओं की मैपिंग नहीं हो पाई है, उनके मामलों में विशेष फोकस करते हुए ईआरओ और एईआरओ स्तर पर सुनवाई की जाए। उन्होंने कहा कि SIR अभियान का लक्ष्य केवल सूची का पुनरीक्षण नहीं, बल्कि प्रत्येक पात्र नागरिक को मतदान प्रक्रिया से जोड़ना है।
बैठक में विभिन्न राष्ट्रीय राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों ने भी अपने सुझाव और फीडबैक साझा किए, जिन पर निर्वाचन विभाग द्वारा आवश्यक कार्रवाई करने का आश्वासन दिया गया।






