गदरपुर, 31 जुलाई। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने ऊधम सिंह के शहादत दिवस पर गदरपुर स्थित कम्बोज धर्मशाला पहुंचकर शहीद शिरोमणि ऊधम सिंह की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की। इस अवसर पर उन्होंने आयोजित अखंड पाठ में भाग लिया और गुरुद्वारे में मत्था टेककर प्रदेश की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की।

मुख्यमंत्री ने गुरु साहिब और शहीद ऊधम सिंह को नमन करते हुए कहा कि यह समागम वीरता, बलिदान और आध्यात्मिकता का अद्भुत संगम है। उन्होंने कहा कि जब भी अमर शहीद ऊधम सिंह के त्याग, साहस और राष्ट्रभक्ति का स्मरण किया जाता है, तो प्रत्येक भारतीय का सीना गर्व से चौड़ा हो जाता है।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि जलियांवाला बाग हत्याकांड भारतीय इतिहास का अत्यंत दुखद और काला अध्याय था। शहीद ऊधम सिंह ने उस अन्याय का प्रतिकार कर पूरी दुनिया के सामने भारत के स्वाभिमान, साहस और अदम्य संकल्प का परिचय दिया। उनका जीवन राष्ट्रभक्ति, स्वाभिमान और बलिदान की सर्वोच्च मिसाल है।


उन्होंने कहा कि ऊधम सिंह का त्याग प्रत्येक भारतीय के मन में देशभक्ति की भावना का संचार करता है और राष्ट्र के प्रति समर्पण का संदेश देता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सेवा, त्याग, मानवता और राष्ट्रभक्ति की प्रेरणा हमें श्री गुरु ग्रंथ साहिब की पावन वाणी से प्राप्त होती है, जिसकी शिक्षाएं पूरे समाज और राष्ट्र को एकता, भाईचारे और निस्वार्थ सेवा के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देती हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि देवभूमि उत्तराखंड के विकास में सिख समाज का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। उन्होंने सभी नागरिकों से आह्वान किया कि वे शहीद ऊधम सिंह के आदर्शों को अपने जीवन में अपनाएं और राष्ट्र निर्माण में सक्रिय योगदान दें।
इस अवसर पर प्रभारी मंत्री प्रदीप बत्रा, विधायक अरविंद पाण्डेय, शिव अरोरा, त्रिलोक सिंह चीमा, भाजपा जिलाध्यक्ष कमल जिंदल, मेयर विकास शर्मा सहित अनेक जनप्रतिनिधि और गणमान्य लोग उपस्थित रहे।







