हरिद्वार : आगामी कांवड़ मेले को लेकर हरिद्वार में आयोजित उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि इस बार श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा सर्वोच्च प्राथमिकता होगी। प्रभारी मंत्री सतपाल महाराज की अध्यक्षता में हुई बैठक में मेले के दौरान लागू की जाने वाली व्यवस्थाओं की व्यापक समीक्षा की गई और संबंधित विभागों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए।

30 जुलाई से 11 अगस्त तक आयोजित होने वाले कांवड़ मेले के लिए सरकार ने व्यापक तैयारियां शुरू कर दी हैं। मेले के संचालन के लिए 21 करोड़ 38 लाख रुपये का प्रस्तावित बजट तैयार किया गया है, जबकि 18 करोड़ 53 लाख रुपये की मांग रखी गई है। प्रशासन को निर्देश दिए गए हैं कि किसी भी स्तर पर लापरवाही न बरती जाए और सभी व्यवस्थाएं समय से पहले सुनिश्चित की जाएं।
इस वर्ष कांवड़ यात्रियों के स्वागत के लिए विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। श्रद्धालुओं पर हेलीकॉप्टर से पुष्पवर्षा की जाएगी, जिससे उनकी यात्रा को और अधिक श्रद्धामय और यादगार बनाया जा सके। इसके अलावा, पहली बार वाटर एंबुलेंस की सुविधा उपलब्ध होगी और आवश्यकता पड़ने पर एयर एंबुलेंस सेवा भी सक्रिय रखी जाएगी।

प्रमुख कांवड़ मार्गों और पड़ाव स्थलों पर पेयजल, चिकित्सा सहायता, पार्किंग, स्वच्छता, यातायात नियंत्रण और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया जाएगा। प्रशासन का उद्देश्य है कि लाखों श्रद्धालुओं को सुरक्षित, व्यवस्थित और सुगम यात्रा अनुभव प्रदान किया जा सके। बैठक में मौजूद वरिष्ठ अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि कांवड़ मेले को सफल और व्यवस्थित बनाने के लिए सभी तैयारियां निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरी कर ली जाएं।
प्रभारी मंत्री सतपाल महाराज ने डीजे के साथ आने वाले कांवड़ यात्रियों से अपील की कि वे निर्धारित नियमों का पालन करें और अत्यधिक ध्वनि प्रदूषण से बचें। बैठक में वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि सभी व्यवस्थाएं समय से पहले पूरी कर ली जाएं, ताकि श्रद्धालुओं को सुरक्षित और सुगम यात्रा का अनुभव मिल सके।







