हरिद्वार : हरिद्वार नगर निगम भूमि खरीद प्रकरण में विजिलेंस जांच के बाद धामी सरकार ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 10 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने का फैसला लिया है। जांच में सामने आया कि कथित रूप से साजिश और धोखाधड़ी के जरिए भूमि क्रय-विक्रय कर नगर निगम को आर्थिक क्षति पहुंचाई गई।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राज्य सतर्कता समिति की संस्तुति पर अभियोग दर्ज करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। मामले में तत्कालीन नगर आयुक्त, सहायक नगर आयुक्त, कर अधीक्षक, अभियंता, सम्पत्ति लिपिक और मानचित्रकार समेत कई अधिकारी कार्रवाई के दायरे में आए हैं। वहीं चार भूमि विक्रेताओं के खिलाफ भी मुकदमा दर्ज किया जाएगा।
सरकार का कहना है कि भ्रष्टाचार के खिलाफ उसकी नीति पूरी तरह स्पष्ट है। चाहे कोई कितना भी प्रभावशाली क्यों न हो, जनता के धन की हानि पहुंचाने वालों को कानून के दायरे में लाकर जवाबदेह बनाया जाएगा।






