देहरादून, 09 अप्रैल। उत्तराखंड भाजपा ने कांग्रेस प्रभारी के देहरादून दौरे पर तीखी राजनीतिक प्रतिक्रिया दी है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद महेंद्र भट्ट ने इस दौरे को “राजनीतिक नौटंकी” बताते हुए कहा कि दिल्ली में बैठकर पार्टी चलाने वाले नेता अब उत्तराखंड में सत्ता के सपने दिखा रहे हैं।
भट्ट ने कहा कि कांग्रेस के भीतर जिस तरह की गुटबाजी और असंतोष लगातार सामने आ रहा है, उससे उनके एकजुटता के दावे टिकते नहीं दिखते। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ दिन पहले पार्टी जॉइनिंग को लेकर जो माहौल बनाया गया था, वह अब अंदरूनी बगावत के कारण पूरी तरह बेअसर हो चुका है।
जॉइनिंग और एकता के दावों पर भाजपा का तंज
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि कांग्रेस की ओर से हाल में कुछ लोगों की जॉइनिंग को बड़ी राजनीतिक उपलब्धि की तरह पेश किया गया, लेकिन पार्टी के भीतर ही विरोध ने उस दावे की हवा निकाल दी। उनके मुताबिक, यह साफ संकेत है कि कांग्रेस संगठन के अंदर सब कुछ सामान्य नहीं है।
उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस के भीतर पुराने मतभेद और खेमेबाज़ी अब भी बनी हुई है और यही वजह है कि पार्टी जमीन पर भरोसा पैदा नहीं कर पा रही।
कांग्रेस प्रभारी के रिकॉर्ड पर भी उठाए सवाल
महेंद्र भट्ट ने कांग्रेस प्रभारी की राजनीतिक क्षमता पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि जो नेता अपने राज्य में पार्टी को चुनावी सफलता नहीं दिला सके, वे उत्तराखंड में बदलाव और सत्ता वापसी के दावे कर रहे हैं।
भट्ट ने आरोप लगाया कि कांग्रेस प्रभारी के नेतृत्व को लेकर दूसरे राज्यों में भी सवाल उठते रहे हैं और वहां भी गुटबाजी कम होने के बजाय बढ़ी है। भाजपा ने इसी आधार पर कांग्रेस के “संगठन मजबूत होने” के दावों को खारिज किया।
‘दबाव में हुआ दौरा’, भाजपा का दावा
भाजपा की ओर से यह भी कहा गया कि कांग्रेस के भीतर ही प्रभारी के उत्तराखंड न आने को लेकर नाराजगी थी। पार्टी का दावा है कि कार्यकर्ताओं और स्थानीय नेताओं के बढ़ते दबाव के बाद यह दौरा किया गया।
भट्ट ने कहा कि यह दौरा किसी राजनीतिक मजबूती का संकेत नहीं, बल्कि पार्टी के भीतर बढ़ रही बेचैनी को संभालने की कोशिश है।
हरदा के मुद्दे का भी किया जिक्र
भाजपा ने कांग्रेस के वरिष्ठ नेता हर्षवर्धन/हरदा (हरिश रावत) के सम्मान से जुड़े पुराने विवादों को भी उठाया। महेंद्र भट्ट ने कहा कि अपने ही वरिष्ठ नेताओं के साथ सम्मानजनक व्यवहार न कर पाने वाली पार्टी जनता के बीच विश्वास की राजनीति नहीं कर सकती।
उनका कहना था कि जो दल अपने अंदर नेतृत्व को लेकर स्पष्टता और अनुशासन नहीं रख पाता, उसके दावों को जनता गंभीरता से नहीं लेती।
भाजपा ने विकास बनाम विपक्ष का मुद्दा उठाया
महेंद्र भट्ट ने कहा कि राज्य में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में विकास कार्यों को लेकर जनता का भरोसा भाजपा के साथ बना हुआ है। उन्होंने दावा किया कि प्रदेश में बुनियादी ढांचे, निवेश और विकास के एजेंडे पर सरकार आगे बढ़ रही है।
भाजपा का कहना है कि ऐसे समय में कांग्रेस के दावे केवल राजनीतिक बयानबाज़ी तक सीमित हैं और जनता के बीच उनका असर सीमित है।
अब राजनीतिक बयानबाज़ी और तेज होने के संकेत
कांग्रेस प्रभारी के दौरे के बाद राज्य की राजनीति में बयानबाज़ी और तेज होने के संकेत हैं। आने वाले दिनों में दोनों दल संगठन, नेतृत्व और जनाधार को लेकर एक-दूसरे पर हमले तेज कर सकते हैं।
फिलहाल, भाजपा ने इस पूरे दौरे को कांग्रेस के अंदरूनी संकट से जोड़ते हुए इसे राजनीतिक मजबूरी बताया है।