देहरादून, 09 अप्रैल 2026। उत्तराखंड की विश्व प्रसिद्ध चारधाम यात्रा आगामी 19 अप्रैल से शुरू होने जा रही है। यात्रा को सुगम बनाने के लिए प्रशासन ने परिवहन व्यवस्था को हरी झंडी दे दी है। गुरुवार को ऋषिकेश स्थित संयुक्त यात्रा बस अड्डा परिसर में आयोजित लॉटरी प्रक्रिया के माध्यम से पहले चरण के लिए 1875 बसों का चयन किया गया। यात्रा के लिए कुल 2200 वाहनों का बेड़ा तैयार किया गया है।
समिति के अध्यक्ष भास्करानंद भारद्वाज ने पारंपरिक पूजा-अर्चना के बाद मटके से पहली पर्ची निकाली, जिसमें जीएमसीसी (GMCC) कंपनी की बस का नंबर आया। इस बस के मालिक अजय बधानी इस साल यात्रा के पहले जत्थे को लेकर रवाना होंगे। पहली पांच बसों की सूची में जीएमओ, टीजीएमओ और जीएमओयू जैसी प्रमुख कंपनियों के वाहन भी शामिल किए गए हैं।
स्वास्थ्य और सुरक्षा पर सख्त रुख
मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने सचिवालय में तैयारियों की समीक्षा करते हुए स्पष्ट निर्देश दिए कि 60 वर्ष से अधिक आयु के प्रत्येक श्रद्धालु की स्वास्थ्य जांच अनिवार्य रूप से की जाए। स्वास्थ्य विभाग को केदारनाथ और बदरीनाथ धाम में रोटेशन के आधार पर विशेषज्ञों की तैनाती करने को कहा गया है।
यात्रियों की सुरक्षा के लिए ‘सचेत ऐप’ को डाउनलोड करना अनिवार्य होगा, जिसके माध्यम से मौसम और मार्ग की सटीक जानकारी एसएमएस और वॉट्सएप पर भेजी जाएगी।
जाम और आपदा प्रबंधन का नया प्लान
चारधाम रूट पर संभावित जाम और भूस्खलन (लैंडस्लाइड) प्रभावित क्षेत्रों में पुलिस बल की अतिरिक्त तैनाती की जाएगी। मुख्य सचिव ने आपदा प्रबंधन विभाग को आपात स्थिति के लिए हेलीकॉप्टर सेवाओं को स्टैंडबाय पर रखने का निर्देश दिया है।
दूसरी ओर, राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (NDMA) ने राज्य को तकनीकी सहयोग का आश्वासन दिया है। विशेषज्ञों ने सुझाव दिया है कि आपदा की पूर्व चेतावनी और प्रबंधन में इस बार आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और मशीन लर्निंग का उपयोग बढ़ाया जाएगा।